RTI की आड़ में 30 पंचायत सचिवों से उगाही की कोशिश, पुलिस ने दबोचा
घरघोड़ा/ जशपुर (गौरी शंकर गुप्ता)। जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सूचना के अधिकार (RTI) जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक कानून की साख पर चोट पहुँचाने की कोशिश को उजागर कर दिया। दुलदुला क्षेत्र में एक युवक द्वारा पंचायत सचिवों से “RTI के नाम पर” वसूली का दबाव बनाया जा रहा था। जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी नहीं, डर पैदा करना
आरोपी तरुण भारद्वाज (22 वर्ष), निवासी ग्राम अंडा (जिला शक्ति), ने दुलदुला जनपद क्षेत्र की 30 ग्राम पंचायतों को लगभग एक जैसा, अत्यधिक विस्तृत RTI आवेदन भेजा। इन आवेदनों में 5 सालों के वित्तीय व तकनीकी दस्तावेजों की ऐसी सूची मांगी गई जो ना तत्काल उपलब्ध है, ना RTI के दायरे में सीधे-सीधे आती है। अधिकांश सचिवों ने नियमानुसार न देने योग्य जानकारी से संबंधित उत्तर भेज दिया। लेकिन इसी के बाद सामने आया असली मकसद।“जानकारी देना है या कोई व्यवस्था करनी है?”
फोन कॉल ने खोली मंशा
ग्राम पंचायत कस्तूरा–जामपानी की सचिव देवकी यादव को 18 नवंबर को एक कॉल आया। कॉलर ने स्वयं को तरुण भारद्वाज बताते हुए सीधा सवाल किया – “जानकारी दोगे या कुछ व्यवस्था करोगे?”जब सचिव ने “व्यवस्था” का अर्थ पूछा तो युवक ने अपनी नीयत स्पष्ट कर दी – “प्रति पंचायत सचिव 3000 रुपये दे दो, नहीं तो मैं ऐसी जानकारी निकालूंगा कि सबकी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।” सचिव ने यह बातचीत रिकॉर्ड कर ली। अगले ही दिन, जब वह प्रथम अपील की सुनवाई के लिए जनपद कार्यालय पहुँचा, उस समय भी 30 सचिवों से 90,000 रुपये की माँग दोहराई गई। डर की स्थिति में दो सचिवों ने उसके खाते में 500–500 रुपये भेज भी दिए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने पर थाना दुलदुला में BNS की धारा 308(2) – जबरन वसूली के प्रयास : के तहत अपराध दर्ज किया गया- उसके बाद पुलिस ने बिना देरी किये : जनपद पंचायत दुलदुला के परिसर से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे कहीं से यह “ज्ञान” मिला था कि RTI के माध्यम से डर पैदा कर पैसा कमाना आसान है, और यह उसका “पहला प्रयोग” था। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर अन्य संभावित मामलों की जांच भी शुरू कर दी है।
“RTI के नाम पर डर फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा” : SSP
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि – RTI के दुरुपयोग और वसूली की कोशिशें गंभीर अपराध हैं ऐसे मामलों में पुलिस की नीति सख्त और स्पष्ट है आरोपी की अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कृष्ण कुमार साहू और उनकी टीम मोहन बंजारे, अलेक्सियूस व आनंद खलखो की उल्लेखनीय भूमिका रही।
