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डीएमएफ की राशि का उपयोग आवश्यक व प्राथमिक कार्यों में करें : सांसद नाग

जिला खनिज न्यास निधि की शासी परिषद की बैठक में दिया गया आय-व्यय का ब्यौरा
सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधि हुए शामिल
कांकेर।
जिला खनिज संस्थान न्यास निधि की शासी परिषद की बैठक आज दोपहर को लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें वार्षिक आय-व्यय की जानकारी दी गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत डीएमएफ की राशि से कराए जाने वाले कार्यों का प्रस्ताव बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा गया। बैठक में अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेण्डी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमंत धु्रव उपस्थित थे।
जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज दोपहर 12.30 बजे से आयोजित बैठक में सांसद श्री नाग ने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग प्राथमिक व आवश्यक कार्यों में हो, अधिकारी यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्र के लोगों को इसका अनिवार्य रूप से लाभ मिले, ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए। जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अभी भी व्यापक स्तर पर विकास की जरूरत है, अतः प्रभावित ग्रामीणों को लक्षित कर खनिज न्यास निधि की राशि का उपयोग किया जाए। इस अवसर पर अंतागढ़ विधायक श्री उसेण्डी, कांकेर विधायक श्री नेताम, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती मंडावी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री धु्रव ने भी बैठक में अपने क्षेत्र स्तर पर हो रहे कार्यों के संबंध में विचार व्यक्त किए। साथ ही प्रभावित ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने भी विभिन्न मांगों से परिषद को अवगत कराकर नवीन कार्य स्वीकृत करने की बात कही।
बैठक में कलेक्टर एवं जिला खनिज न्यास निधि के पदेन अध्यक्ष श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्यक्ष खनन प्रभावित ग्राम/नगर पंचायतों की संख्या 47 तथा अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित ग्राम पंचायतों की संख्या 409 है। उन्होंने बताया कि जिले में डीएमएफ के तहत की वार्षिक अनुमानित प्राप्ति राशि 50 करोड़ रूपये है, जिसके अंतर्गत 60 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता क्षेत्र के कार्य जैसे पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, कौशल विकास, आजीविका, कृषि विकास, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण सहित विभिन्न कार्यों में किया जाता है। इसी तरह 40 प्रतिशत राशि का व्यय अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे भौतिक संरचना, सिंचाई, ऊर्जा, लोक परिवहन, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, युवा गतिविधियों को बढ़ावा देना, बुनियादी सुविधाओं सहित अन्य कार्यां में किया जाता है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि शासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास निधि के दिशा निर्देश में बदलाव करने के कारण कांकेर जिले को एनएमडीसी दंतेवाड़ा से मिलने वाला आबंटन अप्राप्त है। इस दौरान उन्हांने यह भी बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत चयनित ग्रामों के विकास के लिए डीएमएफ मद का उपयोग प्राथमिकता से किया जाना है, यह भी प्रस्तावित है। इसके अलावा कलेक्टर ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक प्राप्त आबंटन एवं व्यय की वर्षवार जानकारी बैठक में दी, साथ ही नवीन प्रस्तावित कार्ययोजना 2024-25 का प्रस्ताव बैठक में रखा। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ एवं पदेन सचिव जिला खनिज संस्थान न्यास निधि श्री सुमित अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा प्रभावित ग्राम पंचायतों के सरपंच मौजूद थे।
विवाह प्रोत्साहन योजनांतर्गत दिव्यांग हितग्राहियों को चेक वितरित
डीएमएफ की शासी परिषद की बैठक के दौरान सांसद श्री नाग तथा विधायक अंतागढ़, कांकेर एवं भानुप्रतापपुर द्वारा समाज कल्याण विभाग में संचालित विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत तीन दिव्यांग हितग्राहियों को सांकेतिक रूप से 50-50 हजार रूपए के चेक वितरित किए गए। हितग्राहियों में ग्राम माकड़ी खूना के श्री आशीष कुमार कावड़े, ग्राम पुसवाड़ा के विनोद कुमार सार्वा और भानुप्रतापपुर के ग्राम साल्हे निवासी श्रीमती जगोतिनबाई कल्लो शामिल थे। उक्त योजना के तहत 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्त जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो, उन्हें उक्त योजनांतर्गत विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके लिए दिव्यांग दंपत्ति को विवाह के छह माह के भीतर आवेदन करना होता है।


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