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युवाओं की प्रतिभा और कौशल निखारने हो रहा है, बेहतर प्रयास

-शेखर (सहायक संचालक,जनसंपर्क)

छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं की प्रतिभा निखारने और तकनीकी कौशल को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा अनेकों प्रयास किए जा रहे है। औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में शैक्षणिक सत्र 2019-20 से पुनरीक्षित पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर सुगमता से प्राप्त हो रहे हैं। इसी शैक्षणिक सत्र से 14 नवीन निजी फार्मेसी महाविद्यालय एवं एक निजी डिप्लोमा फाइन आर्ट एंड कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में 55 कैम्पस प्लेसमेंट के माध्यम से 621 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप भारत में पहली बार डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम ट्रिपलआई.टी. नवा रायपुर में प्रारंभ किया गया है। इससे संस्था को देश-विदेश में पहचान प्राप्त हुई है।


राज्य में कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संस्थाओं को सुचारू रूप से संचालन एवं प्रशिक्षण योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2019 में 344 करोड़ 20 लाख रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। युवाओं को अधिकाधिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से संचालित संस्थाओं में क्षेत्रीय मांग के अनुरूप नवीन ट्रेड,अतिरिक्त यूनिट प्रारंभ किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2019 में 33 शासकीय आई.टी.आई. में नवीन ट्रेड प्रारंभ किए गए। परिणामस्वरूप वर्तमान में संचालित 181 शासकीय संस्थाओं में प्रशिक्षण क्षमता बढ़कर 33,520 सीट्स हो गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं राज्य परियोजना लाईवलीडुड कॉलेज सोसायटी के तहत् मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के प्रारंभ से अब तक कुल 4,52,782 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत विगत 6 माह में 29,079 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षित युवाओं में से 11,533 युवाओं को नियोजन प्राप्त हुआ है।

औद्योगिक क्षेत्र कोरबा, रायगढ़ एवं बिलासपुर में ऑटोमोटिव सेक्टर के अंतर्गत हैवी मोटर व्हीकल-लाईट मोटर व्हीकल के लिए कुशल एवं प्रशिक्षित ड्राईवरों की बड़ी संख्या में मांग को देखते हुए जिला रायगढ़ में विशेष कौशल प्रशिक्षण केंद्र-ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना की जा रही है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा 6 करोड़ 21 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में पहली बार आईटीआई संस्था में दीक्षांत समारोह का आयोजन प्रारंभ किया गया है। इस प्रकार का आयोजन सामान्यतः मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में किया जाता था। राज्य शासन ने प्रदेश के हर संभाग में स्थित आईटीआई में दीक्षांत समारोह का आयोजन करने का निर्णय लिया है। आईटीआई संस्था में आटो मोबाईल स्किल इनहेंसमेन्ट सेंटर का संचालन किया जा रहा है एनसीवीटी के द्वारा देश के 5 जगहों में स्कील इनहेंसमेंट सेंटर संचालित किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के रायपुर और भिलाई के आईटीआई संस्था में सैमसंग और मारूति कंपनी के प्रशिक्षण केन्द्र बनाया गया है। प्रदेश में सात कंपनियों के साथ पीपीटी मॉडल के रूप में प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। रायपुर के आईटीआई सड्डू परिसर में सैमसंग और मारूति सुजुकी कंपनी से एमओयू कर लैब का निर्माण किया गया, जिसमें सैमसंग के आधुनिक उपकरणों तथा मारूति कंपनी के द्वारा पेट्रोल और डीजल इंजन के संबंध में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 414 रोजगार मेला-प्लेसमेंट कैम्प आयोजित किए गए जिसमें कुल 8967 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल 59 प्लेसमेंट कैम्प,रोजगार मेला के माध्यम से 734 आवेदकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

भारतीय सैन्य बलों में प्रदेश के युवाओं की सहभागिता में वृद्धि करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ रोजगार सेवा के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को सैन्य बलों में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में थल सेना में 354, वायु सेना के अंतर्गत 135 एवं जल सेना के अंतर्गत 13 युवाओं का चयन किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-19 में युवा क्षमता विकास योजना से कुल 1,37,346 युवाओं को लाभान्वित किया गया है।

नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल के तहत जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं जगदलपुर को मॉडल करियर सेंटर के रूप में स्थापित किया गया है। जिसमें देश-विदेश में रोजगार के अवसरों, स्वरोजगार तथा कैरियर संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश के जिला संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश के जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्रों को विकसित करने के लिए प्रथम अनुपूरक में राशि 3 करोड़ 54 लाख प्रावधानित किया गया है।

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