स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, विद्युत कंपनी से मांगा स्पष्टीकरण

उपमुख्यमंत्री के ‘ऐच्छिक’ बयान और कंपनी की कार्रवाई की चेतावनी में विरोधाभास का आरोप
रायपुर, 9 सितंबर 2026। स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर रायपुर में राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। शहर कांग्रेस ने बुधवार को विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता और उपभोक्ताओं को दिए जा रहे नोटिस पर स्पष्टीकरण मांगा।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विद्युत वितरण कंपनी को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार के स्तर से दिए गए बयान और वितरण कंपनी की ओर से अपनाई जा रही प्रक्रिया में विरोधाभास दिखाई दे रहा है।
‘स्मार्ट मीटर ऐच्छिक’ तो फिर नोटिस क्यों?
कांग्रेस ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सार्वजनिक रूप से स्मार्ट मीटर लगाए जाने को ऐच्छिक बताया था। पार्टी का दावा है कि दूसरी ओर विद्युत वितरण कंपनी अथवा टाटा कंपनी से जुड़े कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं और निर्धारित समय में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।
कांग्रेस ने इस कथित विरोधाभास पर विद्युत विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच किसी तरह का भ्रम या भय नहीं होना चाहिए।
हर वार्ड में हो स्मार्ट मीटर का परीक्षण
कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर जनता का भरोसा कायम करने के लिए परीक्षण की मांग भी रखी है। ज्ञापन में सुझाव दिया गया कि प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच उपभोक्ताओं के यहां सिंगल फेस, थ्री फेस तथा कमर्शियल कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया जाए।
कांग्रेस के मुताबिक इन मीटरों की तीन महीने तक निगरानी और तुलना की जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटर की तुलना में बिजली की खपत की सही गणना कर रहा है या नहीं।
उपभोक्ताओं के हित में पारदर्शिता की मांग
कांग्रेस ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल हैं। इसलिए मीटर लगाने से पहले इसकी कार्यप्रणाली और बिलिंग व्यवस्था को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। पार्टी ने विद्युत कंपनी से पूरे मामले में स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देने की मांग की है।


