विश्वकर्मा जयंती पर बैलाडीला में उमड़ेगा पर्यटकों का सैलाब, हरी-भरी पहाड़ियों और खनन क्षेत्र का करेंगे दीदार

बचेली। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर 17 सितंबर को दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला की पहाड़ियों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की चहल-पहल बढ़ने वाली है। बारिश के बाद हरियाली से आच्छादित पहाड़, बादलों से घिरी घाटियां और घुमावदार सड़कें बैलाडीला के प्राकृतिक सौंदर्य को और आकर्षक बना रही हैं।विश्वकर्मा जयंती के दिन लोगों को बैलाडीला के खनन क्षेत्र और वहां संचालित आधुनिक खनन व्यवस्था को करीब से देखने का अवसर मिलता है। प्राकृतिक खूबसूरती के बीच विशाल मशीनों और लौह अयस्क खदानों का नजारा लोगों के लिए खास आकर्षण रहता है। इसी वजह से इस दिन बचेली-किरंदुल क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
एनएमडीसी ने की विशेष व्यवस्था
आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएमडीसी बचेली प्रबंधन ने प्रवेश एवं परिवहन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दोपहिया वाहनों को हॉकी ग्राउंड से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। पैदल आने वाले लोगों के लिए एनएमडीसी की बस सेवा उपलब्ध रहेगी। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बसें सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक संचालित की जाएंगी।
दोपहर 1 बजे के बाद चेकपोस्ट से प्रवेश बंद
खनन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दोपहर 1 बजे के बाद सीआईएसएफ चेकपोस्ट के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं खनन एवं प्लांट क्षेत्र में किसी भी आगंतुक को दोपहर 3 बजे के बाद रुकने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में पर्यटकों को निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखते हुए भ्रमण पूरा करना होगा।वाहनों के लिए भी सख्त नियमपरियोजना क्षेत्र में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केवल हार्ड टॉप चारपहिया वाहनों को प्रवेश की अनुमति रहेगी। पिकअप और खुली जीप जैसे वाहनों को चेकपोस्ट के भीतर प्रवेश नहीं मिलेगा। परियोजना क्षेत्र में वाहनों की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। साथ ही ओवरटेकिंग से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रकृति और खनन का अनोखा संगम
बैलाडीला की खासियत यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशाल खनन परियोजना का अनूठा मेल है। पहाड़ी रास्तों पर सफर के दौरान घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और बादलों से ढकी घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। वहीं दूसरी ओर पहाड़ों के बीच संचालित लौह अयस्क खनन परियोजना इस क्षेत्र को अलग पहचान देती है।विश्वकर्मा जयंती पर बचेली, किरंदुल, दंतेवाड़ा और जगदलपुर समेत आसपास के इलाकों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
पड़ोसी राज्यों से भी आगंतुक बैलाडीला की वादियों का रुख करते हैं। हालांकि, खनन क्षेत्र संवेदनशील होने के कारण पर्यटकों को एनएमडीसी और सुरक्षा बलों द्वारा निर्धारित सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

