March 6, 2026

एआई से बनी लगती है दुनिया की सबसे दुर्गम लाइब्रेरी, चट्टान पर लगी हैं किताबें!

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बीजिंग। इंसान जहां रहता है वहां सारी सुविधाएं भी चाहता है। वह चाहता है कि इन सुविधाओं के साथ उसे कुदरत का साथ भी मिले तो कितना अच्छा होगा। यही वजह है कि शहर यूं तो सुविधाओं से भरपूर होते हैं, फिर भी बहुत से लोग शहरों को पसंद नहीं करते हैं। वे कुदरत के समीप रहने के साथ ही शांति और एकांत भी चाहते हैं, जो उन्हें शहरों में नहीं मिल सकता है। लाइब्रेरी भी ऐसी जगह है जहां लोग शांति से पढ़ना चाहते हैं और वहां दुनिया की हर किताब पढ़ने को मिल सके। फिर भी ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच बनी रहे लाइब्रेरी बहुत दूर या एकांत में नहीं बनाई जाती है। पर चीन के गुआंक्सी प्रांत के मियानहुआ गांव के पास स्थित मियानहुआ लाइब्रेरी एक अनोखा पुस्तकालय है, जिसे चट्टान की दीवार में बनी एक बड़ी गुफा में बनाया गया है।




अलग ही नजारा दिखता है बाहर से
यहां पहुंचने से पहले आपको बिल्कुल भी अहसास नहीं होगा कि आप किसी लाइब्रेरी में जा रहे हैं। बाहर से देखने पर आपको लगेगा कि चट्टानों पर लटकने वाले लकड़ी के रास्ते और बालकनियां बनाई गई हैं। लेकिन, अंदर पहुंचने के बाद हालात बिल्कुल ही अलग नज़र आते हैं। आपको दीवार पर हजारों की संख्या में किताबें ही किताबें रखी नज़र आती हैं।
खासे रखरखाव की जरूरत
दिलचस्प बात ये है कि लाइब्रेरी पूरी तरह से गुफा के अंदर नहीं है। इसके चट्टान की तरफ के रास्ते और किताबें रखने की जगहों को मौसम, खास तौर से नमी ने बचा कर रखना होता है। किताबों को खास तौर से नम हवा से बचाने में मशक्कत करनी होती है। यहां तक कि तापमान भी कायम रखना होता है।
इसी साल खुली है ये लाइब्रेरी
खास बात ये है कि ये लाइब्रेरी इस साल मई में खुलने के बाद से ही चीनी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। आमतौर पर लाइब्रेरी ऑनलाइन चर्चा का विषय नहीं बनतीं, लेकिन यह साधारण लाइब्रेरी नहीं है। यह न केवल पुस्तक प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि उन यात्रियों के लिए भी खास जगह है जो मनमोहक नजारों की तलाश में रहते हैं।
एआई का नहीं है कमाल
जी हां, यहां आकर आप कुदरत के अनूठे नज़ारों का आनंद ले सकते हैं। दिलचस्प बात ये है कि हरी-भरी वादियों से घिरी ये लाइब्रेरी ऊंची चट्टान के किनारे बसा हुआ है। देखने में ऐसा लगता है मानो इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। लेकिन ,असल में यह चट्टानों को काट कर बनाई गई है।
टूरिस्ट प्लेस के तौर पर ज्यादा मशहूर
ऐसा नहीं है कि यह चट्टान किसी शहर में या शहर के पास है। मज़ेदार बात ये है कि ये पूरी तरह से ग्रामीण इलाके में बनी हैं। स्थानीय लोग तो इस लाइब्रेरी में तो आ सकते हैं, लेकिन यह लाइब्रेरी पुस्तकालय के रूप में नहीं, बल्कि एक टूरिस्ट प्लेस के तौर पर ज्यादा मशहूर हो रही है। यहां चीन के कोने-कोने से लोग आते हैं और यहां के कुदरती नज़ारे उन्हें निराश भी नहीं करते हैं।

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