ईद, चैत्र नवरात्रि और रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक, सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने पर जोर
लैलूंगा/रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता): आगामी ईद पर्व, चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के मद्देनज़र क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लैलूंगा थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली, जो क्षेत्र की आपसी भाईचारे की परंपरा को दर्शाती है।

बैठक में एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, एसडीएम भरत कौशिक, तहसीलदार उज्ज्वल पांडे और नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया सहित मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि, सर्व हिन्दू समाज के सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की प्रतिबद्धता जताई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि ईद और रामनवमी जैसे पर्व आपसी सम्मान और भाईचारे के साथ मनाए जाएं। विशेष रूप से रामनवमी पर निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि आतिशबाजी केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए और भीड़भाड़ या संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो।
इसके अलावा शोभायात्रा में किसी भी प्रकार के हथियार, विशेषकर तलवार या अन्य वेपन लेकर शामिल होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का समर्थन करते हुए आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
अंत में सभी ने मिलकर लैलूंगा की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने और त्योहारों को मिलजुल कर शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का संकल्प लिया। यह बैठक प्रशासनिक तैयारी के साथ-साथ समाज में विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
