रायगढ़ पुलिस में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 219 अधिकारियों-कर्मचारियों का एक साथ तबादला
SP Shashi Mohan Singh
रायगढ़ (गौरीशंकर गुप्ता) । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक साथ 219 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। इस बड़े फैसले के बाद पूरे जिले में पुलिस महकमे में हलचल मच गई है और यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।

कानून व्यवस्था सुधारने के लिए बड़ा कदम
एसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि विभाग में लंबे समय से चली आ रही लापरवाही को दूर करने, पुलिसिंग को मजबूत बनाने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल के समय में जिले में चोरी, लूट, महिलाओं से जुड़े अपराध और पॉक्सो मामलों में वृद्धि के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ी थीं। सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर आलोचना भी सामने आ रही थी, जिसके बाद प्रशासनिक सख्ती के तहत यह बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं।
थाना प्रभारियों से लेकर कांस्टेबल तक शामिल
जारी आदेश के अनुसार तबादलों में थाना प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल सहित विभिन्न पदों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
- कुल 50 अधिकारी,
- 120 कांस्टेबल,
- तथा 49 अन्य पुलिस कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
इस दौरान 15 थानों के प्रभारियों सहित करीब 40 सब-इंस्पेक्टरों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के 10 थानों में भी व्यापक फेरबदल किया गया है।
प्रमुख तबादले
- कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रामेश्वर साहू को पॉक्सो इकाई में स्थानांतरित किया गया है।
- धरमजयगढ़ थाना प्रभारी को एसआईजी में पदस्थ किया गया है।
- कई ऐसे अधिकारियों को भी हटाया गया है जो लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ थे।
आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल
तबादले के आदेश जारी होते ही थानों और पुलिस लाइन में हलचल मच गई। कई कर्मचारी पारिवारिक कारणों से परेशान दिखाई दिए, जबकि कुछ नए थानों में जिम्मेदारी मिलने से उत्साहित भी नजर आए।
एसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि
“कर्मठ और ईमानदार अधिकारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, जबकि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
विपक्ष ने उठाए सवाल, प्रशासन ने किया खारिज
कुछ राजनीतिक दलों और विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया, लेकिन प्रशासन ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया प्रशासनिक निर्णय है।
अपराध नियंत्रण पर विशेष फोकस
रायगढ़ जिले को नक्सल प्रभावित और अपराध प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है। हाल के समय में चोरी की घटनाओं, पॉक्सो मामलों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी देखी गई थी। पदभार संभालने के बाद से ही एसपी शशि मोहन सिंह लगातार साप्ताहिक समीक्षा बैठकें लेकर पुलिसिंग को सख्त बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
नई टीम को दिए सख्त निर्देश
एसपी ने सभी नव पदस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, ड्रोन सर्विलांस शुरू करने और जनता के साथ पुलिस के बेहतर संवाद पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पुलिस छवि सुधारने की पहल
जिले में एक साथ इतने बड़े स्तर पर तबादला आदेश को पुलिस विभाग की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी माना जा रहा है। स्थानीय पत्रकारों और जानकारों का मानना है कि इस कदम से पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी और जिले में अपराध नियंत्रण में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
