पत्रकारों को एक-एक करोड़ मानहानि नोटिस, संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर ने कहा- कलम तोड़ने की साजिश
घरघोड़ा/जशपुर (गौरी शंकर गुप्ता)। जशपुर से उठी लोकतंत्र की चीख अब पूरे प्रदेश को झकझोर रही है। पत्रकारों को चुप कराने और उनकी कलम तोडऩे की सुनियोजित साजिश ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर ने आरोप लगाया है कि जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक ने अपने पद का दुरुपयोग कर पत्रकारों को एक-एक करोड़ के मानहानि नोटिस थमा दिए। यही नहीं, फोन पर पत्रकारों को आत्महत्या में फँसाने की धमकी दी गई—यह न सिर्फ घोर आपराधिक कृत्य है बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर खुला हमला है।शासकीय ग्रुप का निजीकरण कर पत्रकारों को अपमानित किया गया। उन्होंने कहा,पत्रकारों को “अपराधी” कहकर संबोधित करना, लोकतंत्र की रीढ़ पर वार है।


- पत्रकार संघ ने उठाई मांग :
1 सहायक संचालक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर बर्खास्तगी की जाए।
2 जनसंपर्क आयुक्त और संवाद प्रमुख सार्वजनिक माफीनामा जारी करें।
3 विशेष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दोषियों को सख्त सजा मिले।
4 सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
यह प्रकरण केवल जशपुर का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए खतरे की घंटी है। यदि सरकार त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं करती, तो यह संदेश जाएगा कि सत्ता पत्रकारों की कलम तोडऩे की मुहिम चला रही है। संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर की आवाज अब पूरे प्रदेश में गूंज रही है – लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा।
कलेक्टर को ज्ञापन

मानहानि की नोटिस




