सरपंच से सूबे के मुखिया तक: सादगी और संगठन के प्रतीक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का 62वां जन्मदिन आज

गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। जशपुर के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर सत्ता के शीर्ष तक पहुँचे साय का व्यक्तित्व विनम्रता और संवेदनशीलता की प्रतिमूर्ति माना जाता है। उनका राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है—जो ग्राम पंचायत बगिया में एक पंच के रूप में शुरू हुआ, फिर निर्विरोध सरपंच, दो बार विधायक, चार बार सांसद और केंद्रीय मंत्री से होते हुए आज राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।


प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
विष्णु देव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के एक छोटे से गांव बगिया में हुआ। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे साय के पिता राम प्रसाद साय और माता जसमनी देवी साय ने उन्हें सादगी और सेवा के संस्कार दिए। उनकी शुरुआती शिक्षा कुनकुरी में हुई। साय के परिवार की पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है—उनके दादा बुधनाथ साय और बड़े पिता नरहरि प्रसाद साय भी विधायक और सांसद रहे थे, जिससे राजनीति के गुण उन्हें विरासत में मिले।CM Sai Chaupal: मुख्यमंत्री साय गांव में लगाएंगे चौपाल, लोगों से पूछेंगे सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ कि नहीं..
पंच से लेकर केंद्रीय मंत्री तक की सीढ़ियां
साय के राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1989 में हुई, जब वे अपने गांव के पंच चुने गए। इसके बाद वे निर्विरोध सरपंच बने। 1990 में पहली बार वे अविभाजित मध्य प्रदेश के तपकरा विधानसभा से विधायक चुने गए। उनकी निष्ठा और कार्यशैली को देखते हुए पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां दीं। वे 1999 से 2014 के बीच लगातार चार बार सांसद रहे। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में उन्होंने इस्पात और खान मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।PM Modi wishes CM Sai on birthday, hails efforts to boost Chhattisgarh’s progress | DD News
लखीराम अग्रवाल का मार्गदर्शन और ‘मौन साधक’ की छवि
विष्णु देव साय के व्यक्तित्व को तराशने में छत्तीसगढ़ भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले लखीराम अग्रवाल की बड़ी भूमिका रही। साय को उनका ‘मानस पुत्र’ कहा जाता है। उन्होंने ही साय को संगठन की बारीकियां सिखाईं। साय की सबसे बड़ी खूबी उनका शांत स्वभाव और विवादों से दूर रहना है। यही वजह है कि उन्हें राजनीति का ‘अजातशत्रु’ कहा जाता है। वे तीन बार छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे, जो संगठन में उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।CM Sai cracks whip on district collectors, emphasising sensitivity and accountability – The Statesman
2023: जब ‘बड़ा आदमी’ बनाने का वादा हकीकत बना
दिसंबर 2023 का छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव साय के लिए ऐतिहासिक रहा। चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से कहा था, “आप साय को जिताइए, इन्हें बड़ा आदमी हम बनाएंगे।” भाजपा की प्रचंड जीत के बाद, 13 दिसंबर 2023 को साय ने छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया। आज वे ‘मोदी की गारंटी’ को जमीन पर उतारने और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं।Chief Minister Shri Sai performed danced with the artists while playing the Mandar CM Vishnu Deo Sai Celebrates Chhattisgarhi Culture, Honors Vajpayee at Rajyotsav
विष्णु देव साय: एक नज़र में
पद वर्ष
पंच/सरपंच 1989 – 1990
विधायक (दो बार) 1990 – 1998
सांसद (चार बार) 1999 – 2019
केंद्रीय राज्य मंत्री 2014 – 2019
प्रदेश अध्यक्ष (भाजपा) तीन कार्यकाल
मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़) दिसंबर 2023 – वर्तमान
