March 6, 2026

ओडिशा से धान खपाने की कोशिश नाकाम, कोचिए और ड्राइवर गिरफ्तार , 120 बोरी धान जब्त

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कलेक्टर–एसपी के निर्देश पर देर रात दबिश, सीमा क्षेत्रों में मचा हड़कंप



लैलूंगा/ घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता)। धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने की एक बड़ी साजिश को रायगढ़ जिला प्रशासन ने समय रहते नाकाम कर दिया है। ओडिशा राज्य से अवैध रूप से धान लाकर छत्तीसगढ़ के उपार्जन केंद्रों में खपाने के प्रयास में संलिप्त दो कोचियों और दो पिकअप वाहन चालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर 120 बोरी धान जब्त किया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय कोचियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर जिले की सीमाओं में 24 घंटे सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार देर रात डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पाकरगांव–लैलूंगा मार्ग पर औचक निरीक्षण किया, जहां यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई।

दो पिकअप वाहन रोके गए, बिना दस्तावेज 120 बोरी धान बरामद

जांच के दौरान वाहन क्रमांक OD15N 9399 एवं OD16N 3755 को रोका गया। दोनों वाहनों में 60-60 बोरी, कुल 120 कट्टा धान बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन करते पाया गया।
वाहन चालकों की पहचान सुनील कुमार यादव (निवासी ग्राम जमुना) एवं निरंजन यादव (निवासी ग्राम डोंगादरहा) के रूप में हुई, जो बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे थे। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उक्त धान लैलूंगा निवासी शेखर जायसवाल एवं कृष्णा जायसवाल के निर्देश पर ओडिशा से लाया जा रहा था, जिसे छत्तीसगढ़ के किसानों के नाम पर उपार्जन केंद्रों में बेचने की तैयारी थी।

शासन को लगभग 1.86 लाख रुपये की क्षति पहुंचाने की साजिश

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि इस अवैध धान को फर्जी तरीके से किसानों के नाम पर विक्रय कर शासन से लगभग 1 लाख 86 हजार रुपये की राशि प्राप्त करने की मंशा थी। यह कृत्य खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशों का घोर उल्लंघन है और भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

पहले भी पकड़ा गया था वही वाहन, फिर दोहराया गया अपराध

उल्लेखनीय है कि वाहन क्रमांक OD16N 3755 को पूर्व में भी 10 दिसंबर 2025 को 69 बोरी अवैध धान परिवहन के मामले में प्रभारी तहसीलदार मुकडेगा द्वारा जब्त किया गया था। इसके बावजूद, 15 दिसंबर को मंडी समिति घरघोड़ा से वाहन मुक्त होने के बाद फिर से वही वाहन अवैध धान परिवहन में पकड़ा गया, जिससे आरोपितों की नियत और संगठित अपराध की पुष्टि होती है।

पत्रकारिता की आड़ में तस्करी, मुख्य आरोपी फरार

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि शेखर जायसवाल (प्रेस क्लब अध्यक्ष, लैलूंगा) और कृष्णा जायसवाल (पार्षद एवं कथित पत्रकार) द्वारा पत्रकारिता की आड़ में अधिकारियों से सांठगांठ कर लंबे समय से ओडिशा का धान छत्तीसगढ़ में खपाया जा रहा था। मामले की भनक लगते ही दोनों आरोपी फरार हो गए हैं, जबकि दोनों वाहन चालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।

तीन पिकअप वाहन पकड़ाए, जांच का दायरा बढ़ा

सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर रात में की गई दबिश के दौरान धान से भरे तीन पिकअप वाहन पकड़े गए। पूछताछ में वाहन चालकों ने स्वीकार किया कि धान की खेप शेखर जायसवाल और कृष्णा जायसवाल के निर्देश पर लाई जा रही थी।

प्रशासन का सख्त संदेश

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। धान खरीदी के नोडल अधिकारी ने बताया कि रायगढ़ जिला ओडिशा सीमा से लगा होने और छत्तीसगढ़ में ₹3100 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिलने के कारण बाहरी राज्य से धान खपाने के प्रयास बढ़े हैं, लेकिन कड़ी निगरानी और सतत कार्रवाई से ऐसे प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा रही है।

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