सफलता की नई उड़ान: ईएमआरएस छर्राटांगर की हेमकांता ने बढ़ाया मान, IISc बेंगलुरु में लेगी STEM ट्रेनिंग
छर्राटांगर/रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) छर्राटांगर, घरघोड़ा की एक होनहार छात्रा हेमकांता राठिया ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन किया है। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ में द्वितीय स्थान (2nd Rank) प्राप्त करने वाली मेधावी हेमकांता का चयन अब भारत सरकार के प्रतिष्ठित IISc बेंगलुरु में आयोजित होने वाले ‘सेमी कंडक्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ (STEM पहल) के लिए हुआ है।

छठवीं कक्षा से ही रही हैं ‘मेधावी सितारा’
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि हेमकांता कक्षा छठवीं में प्रवेश के समय से ही एक अत्यंत अनुशासित और कुशाग्र बुद्धि छात्रा रही हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर विद्यालय में हर्ष का माहौल है। हेमकांता अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत को देती हैं। उनका कहना है, “मुझे सदैव अपने शिक्षकों का भरपूर सहयोग मिला है, विशेषकर हमारे प्राचार्य महोदय ने व्यक्तिगत रूप से मेरा मार्गदर्शन किया और मेरी पढ़ाई-लिखाई का खास ख्याल रखा। भविष्य में भी मुझे उनके सहयोग का पूरा भरोसा है।”
प्राचार्य का मार्गदर्शन और समर्पित शिक्षक टीम
विद्यालय के प्राचार्य श्री मनीराम जांगड़े ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “जब हमारे विद्यालय का कोई छात्र इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की ऊंचाइयों को छूता है, तो वह हम सभी के लिए गर्व का क्षण होता है। हमारे शिक्षक दिन-रात एक करके छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करते हैं, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।”
वरिष्ठ अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों का सतत सहयोग
प्राचार्य ने आगे बताया कि विद्यालय की इस सफलता के पीछे जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों का निरंतर मार्गदर्शन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से:
- माननीय सांसद श्री राधेश्याम राठिया जी,
- रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी जी, एवं
- सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास शाखा) श्री श्रीकांत दुबे जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये सभी वरिष्ठ जन समय-समय पर विद्यालय का भ्रमण करते रहते हैं और छात्रों का उत्साहवर्धन करते हैं। उनके आवश्यक सहयोग और दिशा-निर्देशों के कारण ही आज छर्राटांगर के छात्र ‘सितारे’ बनकर पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
शिक्षण जगत में उत्साह
हेमकांता का चयन भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) की उस योजना के तहत हुआ है, जिसका उद्देश्य भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करना है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी हेमकांता की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
