
रायपुर, 21 सितंबर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 25 सितंबर से रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू होगा। नगर निगम ने महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं के सुरक्षित और व्यवस्थित विसर्जन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। व्यवस्था की निगरानी के लिए निगम के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।इस बार गणेश झांकियों का क्रम शारदा चौक से शुरू होगा।
यहां झांकियों को नंबर आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद झांकियां जयस्तंभ, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लीली चौक, लाखेनगर, सुंदरनगर और महादेवघाट रिंगरोड चौक होते हुए रायपुरा स्थित महादेवघाट विसर्जन कुंड पहुंचेंगी। यातायात व्यवस्था के तहत लाखेनगर चौक से महादेवघाट रिंगरोड तक वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी।नगर निगम ने 25 सितंबर सुबह 6 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की है।
विसर्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए एक विशेष समिति भी बनाई गई है। अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय को समिति का नोडल अधिकारी बनाया गया है।विसर्जन स्थल पर सुरक्षा के विशेष इंतजामविसर्जन कुंड पर केन, मंच, कंट्रोल रूम, पर्याप्त रोशनी, माइक, मोटर बोट, गोताखोर और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। रस्से, लांग बूट, रेनकोट और बड़े छातों की भी व्यवस्था की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड और अग्निशमन विभाग से भी समन्वय किया जाएगा।लाखेनगर चौक पर सर्च लाइट, पंडाल, मंच, माइक और कंट्रोल रूम तैयार किया जाएगा। वहीं प्राथमिक उपचार, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।तालाबों में प्रतिमा विसर्जन पर रोकनगर निगम ने तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब समेत शहर के अन्य प्रमुख तालाबों में बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन को रोकने के निर्देश दिए हैं।
छोटी प्रतिमाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे।विसर्जन व्यवस्था के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ चालकों और ईंधन की व्यवस्था पहले से करने के निर्देश दिए गए हैं।रूट पर रोशनी और बिजली की व्यवस्थापूरे विसर्जन मार्ग और महादेवघाट क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। बिजली बाधित होने की स्थिति से बचने के लिए जनरेटर की व्यवस्था रहेगी। बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विसर्जन स्थल पर धार्मिक अनुष्ठानों के लिए संस्कृत कॉलेज से 10 पंडितों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारी को दी गई है।
जर्जर मकानों और सड़कों पर भी नजर
विसर्जन मार्ग में आने वाले जर्जर भवनों का सर्वे कराया जाएगा। संबंधित भवन मालिकों को आवश्यक मरम्मत कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही पूरे रूट की सड़कों, लिंक मार्गों और गड्ढों की मरम्मत, पेचवर्क और निर्माण सामग्री हटाने का काम कराया जाएगा।विसर्जन मार्ग और आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई को लेकर भी संबंधित जोन अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
पानी और आवारा मवेशियों की भी व्यवस्था
विसर्जन मार्ग और कुंड स्थल पर पीने के पानी के टैंकर उपलब्ध रहेंगे। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।नगर निगम का लक्ष्य गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, चिकित्सा और बिजली जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को एक साथ सुनिश्चित करना है।


