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सावन का पहला सोमवार: शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, जानें क्या चढ़ाएं, पूजन विधि और इसके महालाभ



आज सावन मास का पहला सोमवार है और सुबह से ही देश भर के शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सनातन धर्म में श्रावण मास और विशेषकर सावन के सोमवार का अत्यधिक महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना है और इस दिन किया गया जलाभिषेक भक्तों के सभी कष्टों को दूर कर जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।

मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गंगाजल और बेलपत्र लेकर श्रद्धालु भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए लालायित हैं। आइए जानते हैं कि सावन के पहले सोमवार पर महादेव को क्या अर्पित करना चाहिए, सही पूजन विधि क्या है और इस व्रत से क्या लाभ मिलते हैं।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं? (शुभ सामग्री)

भगवान शिव को ‘आशुतोष’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है शीघ्र प्रसन्न होने वाले। शिव पुराण के अनुसार, शिवलिंग पर निम्नलिखित चीजें अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है:

  • जल और गंगाजल: सबसे पहले शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें। यह मानसिक शांति और शुद्धि का प्रतीक है।
  • गाय का कच्चा दूध: दूध से अभिषेक करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और बीमारियों से रक्षा होती है।
  • बेलपत्र (बिल्वपत्र): कम से कम 3 या 5 कटे-फटे बिना वाले बेलपत्र, जिन पर चंदन से ‘ॐ’ लिखा हो, उल्टी तरफ से अर्पित करें।
  • शमी पत्र और धतूरा: शमी के पत्ते और धतूरा शिवजी को अत्यंत प्रिय हैं; इनसे नकारात्मक ऊर्जा और भय समाप्त होता है।
  • सफेद चंदन और भस्म: शिवलिंग पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड लगाएं।
  • अक्षत (साबुत चावल): बिना टूटे हुए चावल अर्पित करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
  • सफेद पुष्प: मदार (आंकड़ा) और सफेद फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। (ध्यान रहे: शिवजी को केतकी का फूल, तुलसी दल और सिंदूर न चढ़ाएं)

सावन सोमवार की सरल पूजन विधि

  1. प्रातः स्नान और संकल्प: सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (प्राथमिकता से सफेद या केसरिया) धारण करें। हाथ में जल लेकर शिव व्रत का संकल्प लें।
  2. शिवालय या घर पर पूजन: घर के मंदिर या किसी शिवालय में जाकर शिवलिंग को तांबे या पीतल के पात्र से जल अर्पित करें।
  3. पंचामृत अभिषेक: शिवलिंग का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें और उसके बाद पुनः शुद्ध जल चढ़ाएं।
  4. सामग्री अर्पण: चंदन लगाएं और बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा, अक्षत व सफेद फूल अर्पित करें।
  5. मंत्र जाप: संपूर्ण पूजन के दौरान “ॐ नमः शिवाय” या “महामृत्युंजय मंत्र” का निरंतर मानसिक जाप करते रहें।
  6. आरती और भोग: शिवजी को खीर, फल या मिष्ठान का भोग लगाएं और अंत में धूप-दीप से शिव आरती करें।

सावन सोमवार व्रत के बड़े लाभ

  • मनोकामना पूर्ति: शिव पुराण के अनुसार, सावन के सोमवार का व्रत रखने से सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी होती है।
  • वैवाहिक सुख: अविवाहित कन्याओं को मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी मिलता है, तथा विवाहित महिलाओं के वैवाहिक जीवन में प्रेम और अखंड सौभाग्य बना रहता है।
  • ग्रह दोषों से मुक्ति: कुंडली में अशुभ ग्रहों (विशेषकर चंद्रमा और शनि दोष) का प्रभाव कम होता है और मानसिक तनाव से राहत मिलती है।
  • नकारात्मकता का नाश: घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है।

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