विधानसभा में पेश हुआ अपराध का लेखा-जोखा, हत्याओं में जशपुर ने बिलासपुर-दुर्ग को छोड़ा पीछे
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य के अपराध संबंधी आंकड़े सामने आए हैं। गृह विभाग की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिखित जवाब में वर्ष 2024 से 2026 के बीच जिलेवार अपराध की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अपराध का स्वरूप बदल रहा है। जहां रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरी जिले लूट और हिंसक अपराधों से जूझ रहे हैं, वहीं शांत माने जाने वाले जशपुर में हत्या के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक रायपुर में दो वर्षों के दौरान सबसे अधिक 169 हत्या और 130 लूट की घटनाएं दर्ज हुईं। वहीं जशपुर में 114 हत्या के मामले दर्ज हुए, जिससे उसने बिलासपुर (109) और दुर्ग (113) को भी पीछे छोड़ दिया। रिपोर्ट के अनुसार जशपुर में आपसी रंजिश, घरेलू विवाद और अन्य स्थानीय कारणों से होने वाली हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं।
बिलासपुर में दो वर्षों के दौरान 109 हत्या और 65 लूट के मामले दर्ज किए गए। अपराध के बढ़ते ग्राफ ने पुलिस के सामने आउटर क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंसक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की चुनौती खड़ी कर दी है।
वहीं दुर्ग में हत्या के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां हत्या की घटनाएं 53 से बढ़कर 60 हो गईं, जबकि लूट के मामलों में कमी आई और संख्या 43 से घटकर 27 रह गई। दूसरी ओर बलौदाबाजार में लूट की घटनाएं 15 से बढ़कर 35 तक पहुंच गईं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
विधानसभा में पेश रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले दो वर्षों में कोरबा, धमतरी, बलरामपुर और बीजापुर में पुलिस हिरासत के दौरान चार मौतें दर्ज की गईं। इसे मानवाधिकार और पुलिस व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय माना गया है।
अपराध के आंकड़ों के अनुसार हत्या और लूट के मामलों में शीर्ष जिले इस प्रकार रहे— रायपुर (169 हत्या, 130 लूट), जशपुर (114 हत्या), दुर्ग (113 हत्या, 70 लूट), बिलासपुर (109 हत्या, 65 लूट) और कोरबा (97 हत्या, 58 लूट)।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नक्सल प्रभावित नारायणपुर जैसे जिलों में हत्या और लूट की घटनाएं अपेक्षाकृत कम रहीं। इससे संकेत मिलता है कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में संगठित अपराध और लूट बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जबकि कुछ ग्रामीण इलाकों में आपसी विवादों से जुड़ी हिंसक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
