March 6, 2026

9 महीने की गितांशी को मिला नया जीवन, एमएमआई के डॉक्टरों ने हटाया पेट का ट्यूमर

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एमएमआई नारायणा कैंसर केयर की सराहनीय पहल,महिलाओं के लिएस्तन कैंसर की स्क्रीनिंगमात्र 1 रुपए में

रायपुर। मुंगेली जिले की 17 महीने की बच्ची गितांशी गाबेल, पिता उजाला गाबेल, पिछले 8 महीनों से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। करीब 8 महीने पहले जब गितांशी मात्र 9 महीने की थी अचानक उसका पेट फूलने लगा। परिजन इसे मामूली गैस की समस्या समझकर गांव के डॉक्टरों से प्राथमिक इलाज करवाते रहे, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जब गितांशी को मुंगेली के अस्पताल ले जाया गया और सोनोग्राफी जांच कराई गई, तो रिपोर्ट में यह सामने आया कि बच्ची के पेट में ट्यूमर है। इस खबर से परिवार में चिंता बढ़ गई। परिजन बेहतर इलाज की तलाश में रायपुर के कई अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई विशेष राहत नहीं मिली। आखिरकार गितांशी को एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर लाया गया, जहां ऑन्कोलॉजिस्ट् डॉ. देवव्रत हिशिकर मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट् (एमएमआई नारायणा कैंसर केयर) ने मामले को गंभीरता से लिया। डॉ. देवव्रत ने पहले कीमोथेरेपी के माध्यम से ट्यूमर का आकार छोटा किया और फिर डॉ भारत भूषण सर्जिकल आंकोलाजिस्ट् (एमएमआई नारायणा कैंसर केयर) और उनकी टीम ने डॉ राकेश चांद (हेड, एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट) की टीम के सहयोग से ऑपरेशन कर उसे सफलतापूर्वक निकाल दिया। आज गितांशी पूरी तरह से स्वस्थ है और अन्य बच्चों की तरह खेलकूद में भाग ले रही है।



पिता उजाला गाबेल ने भावुक होकर बताया -“डॉक्टरों की टीम ने मेरी बेटी को नया जीवन दिया है। हम एमएमआई नरायणा हॉस्पिटल और डॉ. देवव्रत हिशिकर एवं डॉ भारत भूषण के प्रति हृदय से आभारी हैं।” एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल की इस सफलता ने न केवल एक मासूम की जान बचाई, बल्कि यह भी साबित किया कि समय पर उपचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में कोई भी गंभीर बीमारी को मात दी जा सकती है। डॉ. देवव्रत हिशीकर ने बताया कि जब बच्ची अस्पताल लाई गई थी, तब उसका ट्यूमर काफी बड़ा था और बीमारी पसलियों तक फैल चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने पहले कीमोथेरेपी के माध्यम से ट्यूमर का आकार घटाया उसके बाद ही ऑपरेशन संभव था, डॉ भारत भूषण ने बताया की इतनी छोटी बच्ची में कैंसर कैंसर की सर्जरी करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है पर अब बच्ची की मुस्कान देख कर ऐसे ही काम करने की प्रेरणा मिलती है वर्तमान में बच्ची स्वस्थ है और अपने घर पर ह। हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर अजित बेल्लमकोंडा जी ने बताया की ये केस टीम वर्क का एक बेहतरीन उदाहरण है एमएमआई नारायणा अन्य विभागों के साथ साथ कैंसर के इलाज के लिए भी एक उच्च संस्थान है जहा आवश्यक्ता पड़ने पर कैंसर के मरीजों को अन्य विभागों के विशेषज्ञो की सुविधा भी उपलब्ध है। हॉस्पिटल के मार्केटिंग हेड सतनाम सिंह ने जानकारी दी की अक्टूबर (स्तन कैंसर जागरूकता माह) के मौके पर पुरे माह महिलाओं के लिए स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग मात्र 1 रुपए में उपलब्ध है, इस अवसर पर एमएमआई ने स्तन कैंसर स्क्रीनिंग कूपन भी लांच किया।

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