“नाकोड़ा भैरव देव महापूजन” में दिखा अभूतपूर्व उत्साह, 200 जोड़ों हुए शामिल
भक्ति से भरा पंडाल, 108 दीपों से की गई भव्य महाआरती

,रायपुर। रायपुर में आयोजित नाकोड़ा भैरव देव महापूजन एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व आयोजन के रूप में सम्पन्न हुआ। इस दिव्य पूजन में 200 जोड़ों ने अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ भाग लिया। पूरा पूजन पंडाल श्रद्धालुजनों से भरा रहा और भक्ति का वातावरण अत्यंत भावविभोर करने वाला रहा।विख्यात विधिकारक श्री मनोज बाबूलालजी हरण ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ पूजन संपन्न कराया।

पूजन सह-पीठ पर 18 लाभार्थी परिवार सम्मिलित हुए, जिनमें मुख्य पूजन पीठ का लाभ प्रकाश बरलोटा परिवार ने लिया। इस अवसर पर विमलनाथ मंदिर के 26 वर्ष पूर्ण होने पर उसके जीर्णोद्धार का संकल्प लिया गया। साथ ही इस अवसर को शुभ मानते हुए भोमिया जी के महापूजन की घोषणा की गई, जिसमें 108 जोड़ों के सहभागी बनने का आह्वान किया गया। उसी समय पंडाल में ही 50 जोड़ों ने अपनी सहमति भी दे दी, जो आयोजन की आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का प्रमाण है।

पूजन के दौरान भैरव जी का अष्टप्रकारी महापूजन किया गया, जिसमें जल, धूप, दीप, अक्षत, वासु, चेप, फूल-फल आदि से विधिपूर्वक पूजन हुआ और अंत में 108 दीपों से भव्य महाआरती की गई, जिससे वातावरण मंत्रमुग्ध हो उठा।इस विशाल आयोजन में भैरव भक्त मंडल का समर्पित सहयोग रहा। साथ ही भरत सोनागिरा, कमल लोढ़ा, राजेश सिंघी, रवि जोशी, धनराज बैज, मूलचंद लुंकड़, दिलीप लुंकड़, दिलीप परख सहित कई सेवाभावी जन तन-मन से लगे रहे।पूरे आयोजन की पावन निश्रा में रहे: जयपाल विजयजी म.सा. प्रियदर्शी विजयजी म.सा., तीर्थप्रेम विजयजी म.सा. अक्षयनिधि साध्वी भगवंतजी भव्य आष्टपद भाव यात्रा की घोषणा प्रवचन के दौरान परम पूज्य तीर्थप्रेम विजयजी म.सा. ने आगामी आष्टपद भाव यात्रा की घोषणा की, जिसमें संघपति बनने का लाभ श्री शेखर कोठारी परिवार द्वारा लिया जाएगा। इस यात्रा में चतुर्विध संघ – साधु-साध्वी भगवंत, श्रावक-श्राविकाएं सामूहिक रूप से भाग लेंगे। तीर्थप्रेम विजयजी म.सा. ने सिद्धि तप और शत्रुंजय महा तप जैसे विशेष अनुष्ठानों का उल्लेख करते हुए बताया कि रायपुर के भक्तों ने जिस भक्ति और तप भावना से भाग लिया, वह प्रेरणास्पद है। 100 से अधिक शत्रुंजय तप करने वाले तपस्वियों के 3 पारने भी सम्पन्न हो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि महामृत्युंजय तप के अनेक तपस्वी भी इस तप को करते हुए कठोर तपस्या की और आगे बढ़ रहे हैंI नित्यक्रम एवं संस्कार सिंचन सिविर : रविवार दोपहर 2:30 बजे से बच्चों के लिए विशेष संस्कार सिंचन सिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को धार्मिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी गई।इस संपूर्ण आयोजन ने रायपुर को एक बार फिर धार्मिक और तपोमय ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया है। तीर्थप्रेम विजयजी म.सा. ने कहा –”रायपुर इतिहास रचता रहा है और आगे भी भक्ति और तप के इतिहास में अग्रसर रहेगा।” विमल नाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष धनराज जी वेद तथा समिति के अध्यक्ष चेतन शाह बताया कि इस चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाने के लिए समिति और ट्रस्ट के सदस्य पूर्ण समर्पित भाव से लगे हुए हैं और तपस्वी तथा भक्तों का उमंग उल्लास देखकर ऐसा लग रहा है कि आने वाले कार्यक्रमों में भी उनकी भरपूर सहभागिता मिलेगी। उक्त जानकारी राजेश सिंगी ने दी।
