घरघोड़ा का गौरव बना उपेक्षा का शिकार – जय स्तम्भ चौक क्षतिग्रस्त, प्रशासन-नेता-नपाधिकारी सब मौन !
घरघोड़ा(गाैरी शंकर गुप्ता)। घरघोड़ा की ऐतिहासिक पहचान और नगर की शान माने जाने वाला जय स्तम्भ चौक आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह वही चौक है जहाँ से नगर की चेतना शुरू होती है और यही स्थान आज प्रशासनिक उपेक्षा और राजनीतिक बेपरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। किसी अज्ञात तत्व द्वारा चौक को क्षतिग्रस्त किया गया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वहाँ स्थापित CCTV कैमरों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा लगता है जैसे नगर में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। और सबसे बड़ी बात – नेताओं की आंखें बंद हैं, नगर पंचायत नक्शे में तो है पर जमीनी स्तर पर नदारद, और पुलिस प्रशासन किसी नींद में है, जिसे कोई जगाने वाला नहीं।

– क्या CCTV केवल शोभा की वस्तु हैं?
– क्या नगर पंचायत का दायित्व सिर्फ कुर्सी पर बैठने भर का है?
– क्या नेताओं की जिम्मेदारी केवल चुनाव में झूठे वादों तक सीमित है?
नगर के बड़े-बड़े नेता, जो अक्सर फोटो खिंचवाने जय स्तम्भ के पास खड़े होकर खुद को जनसेवक कहते हैं, आज चुप हैं। उनकी चुप्पी अब संदेह से भरी चुप्पी बन चुकी है। क्या जय स्तम्भ को नुकसान पहुँचाने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है? नगरवासियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। यह सिर्फ एक पत्थर का खंभा नहीं टूटा, यह घरघोड़ा की अस्मिता पर चोट है।
