March 6, 2026

श्री स्वामी नरेन्द्राचार्य जी का एक दिवसीय प्रवचन, दर्शन एवं समस्या मार्गदर्शन शिविर 3 अगस्त को भखारा में

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भक्त सेवा मंडल, रायपुर, उप-पीठ छत्तीसगढ़



बीरगांव। त्रिभुवानंद, अद्वैत, अभेद, निरंजन, निरावलंब, निर्गुण, परब्रम्ह, श्रीसच्चिदानंद, भक्त प्रतिपालक नाणीज निवासी पीठाधीश्वर जगद्गुरू नरेन्द्राचार्य जी के मुख से प्रवचन का लाभ लेने व समस्या मार्गदर्शन का सौभाग्य छत्तीसगढ़ में प्राप्त होने जा रहा है। समस्या मार्गदर्शन पर्ची दिनांक 03 अगस्त 2025 को सुबह 7:00 से 8:00 बजेके बीच कार्यक्रम स्थल- भखारा में मिलेगी ।

इस भवसागर में हिन्दुओं के आठ धर्मगुरू हैं- चार शंकराचार्य व चाररामानंदाचार्य

रामानंदाचार्यों में से श्री स्वामी रामनरेशाचार्य जी (श्री मठ गंगाघाट,कांशी),

श्री स्वामी रामभद्राचार्य, (श्री तुलसी पीठ चित्रकूट),

श्री स्वामी राजेन्द्र दास जी महाराज, (श्री मूलक पीठ, वृन्दावन)

श्री स्वामी नरेन्द्राचार्य जी, (दक्षिण पीठ नाणीज धाम)

अनंत श्री विभूषित जगदगुरू रामानंदाचार्य श्री स्वामी नरेन्द्राचार्य जी का मुख्य पीठ दक्षिणपीठ नाणीज धाम, जिला – रत्नागिरी (महाराष्ट्र) के रामानंदाचार्यपीठाधीश्वर हैं। इसके अलावा मुबई, गोवा, पुणे, नाशिक, शेगांव बुलढाना, नागपुर, मराठवाड़ा परभणी, ठकुराईन टोला-टोलाघाट, सिकोला छत्तीसगढ़, ओकारेश्वर,तेलंगाना, गुजरात एवं बैंगलोर कर्नाटक में 12 स्थानों में उप- पीठ का निर्माण किया जा रहा है। श्री स्वामी नरेन्द्राचार्य जी ऐसे सद्गुरू हैं, जिनकी वाणी, स्पर्श व सानिध्यशक्ति है। पूरी मानव जाति को प्रेम, सद्भावना, दया एवं शांति का संदेश देने वालेतथा हर व्यक्ति के मन में अध्यात्म व सात्विकता की ज्योति जलाने वाले, हिंदुत्व कीरक्षा करने वाले जगद्गुरू नरेन्द्राचार्य जी आने वाले वर्षों में पूरे विश्व का मार्गदर्शनकरने वाले धर्मगुरू होंगे तथा उनका स्व-स्वरूप संप्रदाय सारे विश्व में अग्रणी होगा ।

जगद्गुरू श्री के दो गुरूमंत्र हैं :-01. तुम जियो और दूसरों को जीने में सहायता करो।02. सपने में भी किसी का बुरा मत सोचो। तुम्हारा कल्याण होगा।आज के इस असुरक्षित विश्व में मार्गदर्शन के साथ साथ एक दृढ़आधार की आवश्यकता है। आप कहीं भी रहें, अफ्रीका के घने जंगल में अथवा किसीमहासागर में, कहीं भी हों, मैं सदैव तुम्हारे साथ हूँ, आप मुझे भक्ति दें, मैं आपको स्थैर्यदूंगा, ऐसा कहने वाले स्वामी जी के ये विचार ही नहीं अपितु आप इसे अपने जीवनमें आजमा कर देखिये, फिर इन पर आस्था और विश्वास करिये ।

जगद्गुरू नरेन्द्राचार्य महाराज संस्थान द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न उपकम(सामाजिक कार्य) निम्नानुसार हैं :-

शैक्षणिक उपक्रम :- श्री नरेन्द्रचार्य महाराज Education Institute (English Mediumschool) के माध्यम से गरीब बच्चों को-निःशुल्क प्रवेश, निःशुल्क शिक्षण, निःशुल्क टेक्नीकल शिक्षण निःशुल्क मध्यान्ह भोजन निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण की शिक्षा इस संस्थान के माध्यम से दियाजा रहा है। जूनियर के.जी. से स्नातक तक अंग्रेजी माध्यम में निःशुल्क शिक्षा दी जा रहीहै। संस्थान द्वारा मुबंई क्षेत्र के आदिवासी बच्चों के लिये निःशुल्क मोटर ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना की गई है। इस स्कूल के माध्यम से आदिवासीगरीब/बेरोजगार युवा बच्चों को निःशुल्क पढ़ाया जाता है एवं स्वरोजगार काप्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें निःशुल्क भोजन भी दिया जाता है। अभी तक1000 से भी ज्यादा बच्चे स्वरोजगार प्रारंभ कर चुके हैं। संस्थान द्वारा सर्व जातियों के बच्चों एवं युवाओं के लिये वेदशाला की स्थापनाकी गई है। इस शाला में वेदों का ज्ञान दिया जाता है । निःशुल्क रहना, खानाएवं निःशुल्क कपड़े भी वितरण किया जाता है। पालघर जिले में रहने वाले आदिवासी बालिकाओं के लगभग 100 बालिकाओंके लिये नर्सिंग हेतु आर्थिक सहायता (शैक्षणिक फीस, रहने एवं खाने कीव्यवस्था) संस्था द्वारा प्रदान की गई (“बेटीबचाओबेटी पढ़ाओ” ) यह एकउदाहरण है। भारत देश में विविध स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब एवं आदिवासी बच्चों के लिये(computer, projector and instrument ) एवं विविध प्रकार के शैक्षणिक सामग्रियोंका वितरण संस्थान द्वारा किया जाता है ।

चिकित्सा उपक्रमः– संस्थान द्वारा वैद्यकीय अस्पताल की स्थापना की गई है। इस अस्पताल में निःशुल्क इलाज एवं निःशुल्क भोजन इस संस्थान के माध्यम से दिया जाताहै । आदिवासी क्षेत्र में रहनेवाले एवं आदिवासी जातियों के परिवार, विकलांग,गर्भवती महिलाओं के लिये आवश्यक पोषक तत्व, खाना एवं समय – समयपर लगाये गये शिविर द्वारा उपचार एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है । वैश्विक महामारी कोरोना के प्रलयंकारी संकट के दौरान एम्बुलेंस सेवा द्वारासरकारी महकमा को अमूल्य योगदान दिया गया ।

निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा : संस्थान द्वारा कुल 06 महामार्गों (मुंबई-गोवा,मुंबई-अहमदाबाद,मुंबई-हैदराबाद, मुंबई-आगरा, पुणे- बैंगलोर और रत्नागिरी-नागपुर ) पर 53एम्बुलेन्स 24 घंटे निःशुल्क सेवा दिया जा रहा है। इसके माध्यम से इनमहामार्गों में 20000 से अधिक दुर्घटनाग्रस्त लोगों को जीवन दान मिला है।

ब्लड इन नीड उपक्रम : जगद्गुरू श्री के 50 वीं जन्म उत्सव पर जगह-जगह ब्लड कैम्प का शिविरलगाया गया। इस शिविर का उद्देश्य गरीब जरूरतमंद रोगियों को निःशुल्कब्लड वितरण किया गया। (ब्लड इन नीड इस उपक्रम का नाम है |

जगद्गुरू श्री ने भारत देश के सैनिकों के लिये महा संकल्प लिया है :- ब्लडइन नीड योजनाओं के माध्यम से 50,000 यूनिट ब्लड जमा करने का संकल्पलिया गया और 73 हजार से अधिक ब्लड यूनिट जमा करअस्पतालों और ब्लड बैंको के माध्यम से सेना के लिये ब्लड जमा कराया गया ।इसके अलावा प्रतिवर्ष संस्थान द्वारा ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन करहजारों यूनिट रक्त जरूरत मंदों के लिये पूरे भारत में कहीं भी उपलब्ध करायाजाता है।

देह दान उपक्रम :-जगद्गुरू श्री के एक आव्हान पर दो माह के अल्प समय में ही कुल 56537भक्तों ने देहदान करने का निर्णय लिया है। अभी तक संस्थान के माध्यम से128 मरणोपरांत देह दान कर भारत देश के मेडिकल कालेजों कोअनुसंधान और डॉक्टरी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अध्ययन के लिये उपलब्धकराया जा चुका है।
अंग दान उपक्रम :- जगद्गुरू श्री के द्वारा जगद्गुरू नरेन्द्राचार्य महाराज संस्थान के माध्यम से अबतक 43 अंगदान जरूरत मंद मरीजों को उपलब्ध कराकर नया जीवन प्रदानकिया गया है। अंग दान का कार्य निरंतर जारी रहेगा।07.आपात कालीन उपक्रम.* प्राकृतिक आपदा जैसे भूकम्प ग्रस्त, बाढ़, सुनामी इत्यादि नैसर्गिक आपत्तियोंके समय पर आवश्यक सामाग्री का वितरण (कपड़े, खाना, मेडिसिन एवंआर्थिक सहायता) दिया जाता है।* फसल (अकाल) के समय किसानों को समय-समय पर आर्थिक मद्द की गईहै एवं मुख्यमंत्री फण्ड से किसानों को सहायता प्रदान की गई है।* संस्थान द्वारा जगह-जगह जाकर किसानों के जानवरों के लिये 1000 टनचारा का वितरण किया गया है।* आत्महत्या किये गये किसानों के परिवारों को संस्थान द्वारा आर्थिक मद्द दिया गया ।
कृषि उपक्रम : इस उपक्रम के द्वारा ( अकाल ग्रस्त ) किसानों के लिये (गरीब परिवारों के लिये )बीज, पॉवर पम्प, खेत में लगने वाले आवश्यक औजार एवं विविध प्रकार कीसहायता संस्थान द्वारा की गई है। किसानों को खेती में उत्सुकता बढ़ाने के लिये जगह – जगह, शिविर के माध्यमसे (डिजिटल प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है) एवं कुंभ मेला में दिशा निर्देशों के किताबें भी वितरण किया जाता है ।

पर्यावरण संरक्षण व वृक्षारोपण :- पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण के लिये जगह-जगह लोगों में जागरूकताबढ़ाने के लिये शिविर द्वारा पेड़ वितरण और वृक्षारोपण किया गया एवंरैनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य किया गया। हर साल जागरूकता रैली निकालीजाती है। किसानों को समय समय पर पर्यावरण संरक्षण हेतु आवश्यक पेड़वितरण किया जाता है ।

दुर्बल घटक पुनर्वसन उपक्रम: हर वर्ष गरीब एवं दिव्यांग महिलाओं के लिये स्व-रोजगार हेतु 1000 सिलाईमशीनों का वितरण किया गया है। जरूरत मंद किसानों एवं गरीब व्यापारियों के लिये बैल, बकरी एवं गाय कावितरण इस संस्थान द्वारा किया जाता है। दुग्ध व्यवसाय हेतु किसान एवं व्यापारियों के लिये दुध देने वाली अच्छी नस्लकी गायों का वितरण किया जाता है । गरीब परिवारों गृह उद्योग हेतु जरूरत महिलाओं के लिये आटा चक्की कावितरण किया जाता है।

नशा मुक्ति उपक्रम : अभी तक जगद्गुरू श्री के प्रवचन के माध्यम से 3.00 लाख लोग नशा मुक्तहो गये हैं । यह उपक्रम 25 सालों से निरंतर चल रहा है।

अंद्ध श्रद्धा निर्मूलन उपक्रम : स्वामीजी के प्रवचन के माध्यम से अंद्ध श्रद्धा को लोगों के मनऔर अपने अच्छे विचार एवं व्यवहार के माध्यम से लोगों को अपना जीवनजीने कहा गया। संस्थान द्वारा सामूहिक विवाह भी कराये गये हैं।
स्वच्छता उपक्रम :-स्वच्छता, जगद्गुरू श्री का महामंत्र है। इस संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ सहित 10 हजार से अधिक गावों में ग्राम स्वच्छता अभियान अनवरत जारी है।

निःशुल्क वेद पाठशाला :-जगद्गुरू नरेन्द्राचार्य महाराज संस्थान द्वारा प्रति वर्ष 50 बच्चों को निःशुल्कवेदपाठ शाला का संचालन किया जा रहा है। अब तक 446 बच्चे निःशुल्क वेदपाठशाला के माध्यम से पुरोहिती का कार्य देश भर में कर रहे हैं। जगद्गुरूश्री द्वारा क्रांतिकारी कदम उठाते हुये बालिका विद्यार्थियों केलिये सत्र 2025-26 से परभणी पीठ महाराष्ट्र में निःशुल्क वेदपाठशाला का शुभारंभ किया गया है। इस वर्ष 40 बालिकाओंको एडमिशन दिया गया है।

यह जानकारी धन्नू लाल देवांगन जिला सेवाध्यक्ष, जगद्गुरू रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी द्वारा दी गई।

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