चातुर्मास : वत्सल शाह ने पेश की तपस्या की अद्भुत मिसाल …
आईआईटी की पढ़ाई के लिए जाना है बाहर, एक महीना पहले से कर रहे शत्रुंजय महातप

रायपुर । श्री विमल नाथ जैन मंदिर ट्रस्ट व भावोंउल्लास चातुर्मास समिति की तरफ से आयोजित चातुर्मास में गुरु भगवंत की प्रेरणा से तपस्या के अद्भुत उदाहरण तथा मिसाल देखने मिल रही है। शत्रुंजय महातप को लेकर जहां श्रावक एवं श्राविका के मध्य उत्साह तपस्या का जबरदस्त माहौल बना है ,वही वत्सल शाह ने तपस्या की अद्भुत मिसाल पेश कर बताया कि ‘जहां चाह है, वहां रहा है’ , उन्होंने अपने कर्मों से बताया कि जिन्हें तपस्या करनी है उनके लिए कोई बहाना नहीं चाहिए बल्कि चुनौती को अवसर में बदलने की भावना चाहिए। उल्लेखनीय है कि शत्रुंजय तब 16 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है मगर वत्सल शाह को अपनी आईआईटी की पढ़ाई करने के लिए 13 तारीख से रायपुर के बाहर कॉलेज जाना था इसलिए उसके 1 महीने पहले अर्थात 12 जून से ही शत्रुंजय तब प्रारंभ कर दिया जिसमें दो तेला तथा 7 बेला 29 दिनों में किया गया ताकि वह न केवल तपस्या कर सके बल्कि समय पर अपनी आईआईटी कॉलेज जा सके । तपस्या को लेकर वत्सल शाह की भावना का पूरा समाज बारंबार अनुमोदना कर रहा है दिनांक 12 तारीख को समिति के द्वारा वत्सल शाह का अनुमोदन रखा गई है । उक्त जानकारी धीरेंद्र सेठ व आशीष पारख ने दी।
