March 6, 2026

“बाईपास सिर्फ बोर्ड पर, ट्रक सीधे शहर के हार्ट में” — घरघोड़ा में भारी वाहनों की बेखौफ एंट्री

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घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्ता)। नगर में भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक, डंपर और ट्रेलर वाहनों का शहर के भीतर से लगातार गुजरना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। शहर के प्रवेश द्वार पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक संबंधी बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार सुबह करीब 4 बजे से ही भारी वाहन नगर के मुख्य मार्गों से गुजरना शुरू कर देते हैं। उस समय अधिकांश लोग घरों में रहते हैं, जिससे निगरानी और विरोध की संभावना भी कम रहती है। इन वाहनों की आवाज और कंपन से आसपास के मकानों में कंपन महसूस किया जाता है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।ज्ञात हो कि भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में बाईपास रोड का निर्माण किया गया है, ताकि शहर के भीतर यातायात दबाव कम हो और दुर्घटनाओं की आशंका घटे। बावजूद इसके कई वाहन चालक सीधे शहर के अंदरूनी मार्गों का उपयोग कर रहे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चे, सुबह टहलने निकलने वाले बुजुर्ग और बाजार जाने वाले नागरिकों के लिए यह स्थिति जोखिमपूर्ण है। नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।इस संबंध में पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, तो उसका पालन सुनिश्चित करना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है।नगरवासियों ने मांग की है कि बाईपास मार्ग का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित कराया जाए तथा शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रवेश बिंदुओं पर नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई है।अब देखना यह है कि प्रशासन संभावित दुर्घटना से पहले सक्रिय कदम उठाता है या किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई होती है। फिलहाल नगर में भारी वाहनों की आवाजाही ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है।



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