March 6, 2026

कोर्ट ने टेंडर को नहीं दिया स्थायी झटका; CMO घरघोड़ा को दिया फ्री हैंड

0
ghargodha
Spread the love

प्रक्रिया पूरी कर पुनः निविदा निकालने की अनुमति



CMO को मिली स्वतंत्रता, कोर्ट ने कहा-पहले कार्य समाप्ति आदेश, फिर नई निविदा

घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता)। नगर पंचायत घरघोड़ा के टेंडर विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक रूप से यह दावा फैलाया जा रहा है कि उच्च न्यायालय ने टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह अवैध ठहराकर उसे स्थायी रूप से रद्द कर दिया है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि अदालत ने केवल यह कहा कि बिना औपचारिक termination order जारी किए याचिकाकर्ता से जुड़े कार्यों के लिए नई निविदा जारी नहीं की जा सकती। इस आधार पर 07.10.2025 की निविदा केवल याचिकाकर्ता के संदर्भ में निरस्त की गई। अदालत ने नगर पंचायत को निर्देश दिया कि यदि ठेकेदार के पूर्व कार्य में कमी है, तो वैध रूप से समाप्ति आदेश पारित कर आगे बढ़ें।

नगर पंचायत को फ्री हैंड: विधि अनुसार प्रक्रिया पूरी कर सकती है नया टेंडर

मुख्य न्यायाधीश की युगलपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि नगर पंचायत व CMO को यह पूर्ण स्वतंत्रता है कि वे ठेकेदार के पूर्व कार्यों की समीक्षा करें, आवश्यक हो तो कार्य समाप्ति आदेश पास करें और उसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नई निविदा फिर से जारी करें। इसका अर्थ यह है कि अदालत ने न तो किसी कार्य पर स्थायी रोक लगाई और न ही ठेकेदार को भविष्य के कार्यों पर किसी विशेष अधिकार से नवाज़ा। कोर्ट का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि “प्राकृतिक न्याय” की प्रक्रिया का पालन हो।

कोर्ट के आदेश संबंधी दावे भ्रामक, स्वयं सुविधा अनुसार व्याख्या

कई मंचों पर यह प्रचारित किया जा रहा है कि ठेकेदार को कोर्ट द्वारा बड़ी राहत दी गई या उसके पहले के कार्यों को वैध माना गया। जबकि आदेश में ऐसा कोई निर्देश नहीं है। न्यायालय ने केवल यह कहा कि बिना औपचारिक समाप्ति आदेश के नया टेंडर जारी करना प्रक्रिया का उल्लंघन है। इससे आगे, कोर्ट ने नगर पंचायत को ही कानूनन उचित कार्रवाई करने और आगे की निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की छूट और संपूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की है। अतः अदालत के फैसले की गलत व्याख्या करते हुए वायरल की जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *