March 6, 2026

चातुर्मास : बच्चों को संस्कारित और जागरूक नागरिक बनाने हर रविवार को विशेष शिविर

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प्रतिदिन चल रही धार्मिक प्रवचनों की श्रृंखला



रायपुर। धर्म और आध्यात्म की भावना को समाज में विशेष रूप से बच्चों के भीतर जागृत करने के लिए एक अनुकरणीय पहल की जा रही है। हर रविवार विशेष रूप से बच्चों के लिए प्रेरणादायक प्रवचन और संस्कार निर्माण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों को धर्म, नीति और जीवन के आदर्श मूल्यों से जोड़ा जाएगा। इन कार्यक्रमों में प्रतिदिन प्रवचन के पश्चात बच्चों से तीन प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके उत्तर देने वाले बच्चों को विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक संस्कारित, जिम्मेदार और समाज के प्रति जागरूक नागरिक बनाना है।

प्रतिदिन के कार्यक्रम
सुप्रभात महाभिषेक – प्रतिदिन प्रातः 6:00 से 6:25 तकविमलनाथ भगवान के मंदिर में आयोजित महाभिषेक में सबसे पहले आने वाले श्रद्धालु को अभिषेक का विशेष अवसर प्राप्त होता हैगुरुभगवंतों का प्रवचन – प्रतिदिन प्रातः 9:00 से 10:00 बजेसम्यक दर्शन और धर्मज्ञान से परिपूर्ण अमूल्य वाणी। साध्वी मंडल का प्रवचन – प्रतिदिन दोपहर 2:30 से 3:30 बजेविशेषतः महिलाओं के लिए प्रेरक और व्यवहारिक जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन।

विशेष कार्यक्रम – 18 जुलाई से प्रारंभ
आज से तीर्थप्रेम विजयजी महाराज साहब के सान्निध्य में उत्तराध्ययन सूत्र का वाचन प्रारंभ हो रहा है। उन्होंने सूत्र की भूमिका रखते हुए बताया कि लगभग 2551 वर्ष पूर्व भगवान महावीर स्वामी ने वैशाख शुक्ल दशमी के दिन रिजुबालिका नदी तट पर ‘गोदोहासन मुद्रा’ में ध्यान करते हुए ‘छपक श्रेणी’ की सिद्धि प्राप्त की थी। उसी भावदशा में उन्होंने समस्त कर्मों का क्षय कर सर्वज्ञता प्राप्त की।”भगवान महावीर के जीवन में देशना की विशेष भूमिका रही है, विशेषकर उनका अंतिम चातुर्मास पावापुरी नगरी में हुआ जहाँ उन्होंने लगातार 16 प्रहर (48 घंटे से अधिक) तक देशना दी, जिससे उत्तराध्ययन सूत्र का उद्भव हुआ।

हर रविवार विशेष आयोजन
विशेष प्रवचन :
हर रविवार को ऋषभायण ग्रंथ पर विशेष प्रवचन होगा, जिसमें प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के आदर्श जीवन और उनके द्वारा स्थापित जीवन शैली पर प्रकाश डाला जाएगा। बच्चों का विशेष शिविर:हर रविवार दोपहर 2:30 से बच्चों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शत्रुंजय तीर्थ की महत्ता,महान कथाओं एवं ऐतिहासिक घटनाओं का विवेचन, धार्मिक प्रश्नोत्तरी एवं पुरस्कार वितरण, सिंचन शिविर शामिल रहेगा।ट्रस्ट द्वारा सभी धर्मप्रेमियों से विनम्र निवेदन है कि प्रतिदिन एवं विशेष रूप से रविवार के आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और अपने बच्चों को भी इस पुण्य अवसर का भागी बनाएं।

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